कोरबा में हो रही झमाझम बारिश की वजह से मिनीमाता हसदेव बांगो बांध में पानी का लेवल काफी बढ़ गया है। हालात को देखते हुए बांध के कुल 9 गेट खोल दिए गए हैं।
रविवार शाम तक की स्थिति यह है कि बांध के गेटों से करीब 32,080 क्यूसेक और पावर प्लांट (जल विद्युत संयंत्र) से 9,000 क्यूसेक—यानी कुल 41,080 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। 15 अगस्त को शुरुआत में सिर्फ 3 गेट खोले गए थे, लेकिन पानी की आवक लगातार तेज होने के कारण इन्हें बढ़ाकर 9 करना पड़ा।
बांध का मौजूदा हाल:
- जलस्तर: रविवार शाम 4 बजे तक बांध का जलस्तर 358.60 मीटर दर्ज किया गया, जो इसकी कुल क्षमता का लगभग 93.65% है।
- राहत की बात: पिछले सात घंटों में पानी का स्तर थोड़ा सा (करीब 7 सेंटीमीटर) नीचे आया है।
- आगे का प्लान: अधिकारियों के मुताबिक, जब जलस्तर कम होकर 358.32 मीटर (लगभग 92%) पर आ जाएगा, तब बांध के गेट बंद किए जा सकते हैं। इसके बाद पानी सिर्फ पावर प्लांट के जरिए ही निकाला जाएगा।
नदी किनारे की बस्तियों में घुसा पानी:
बांड से इतना सारा पानी एक साथ छोड़े जाने की वजह से हसदेव नदी के आस-पास के निचले इलाकों में असर दिखने लगा है। सीतामढ़ी समेत कई बस्तियों में पानी घरों के अंदर तक घुस गया है, जिससे वहां रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
34 गांवों में पहले से अलर्ट जारी:
नदी किनारे बसे 34 गांवों में प्रशासन ने पहले ही हाई अलर्ट जारी कर रखा है। मुनादी करवाकर लोगों को बार-बार चेतावनी दी जा रही है कि वे नदी के तेज बहाव और डूब क्षेत्र के पास बिल्कुल न जाएं।
मौसम विभाग ने अभी आने वाले कुछ दिनों तक सरगुजा और बिलासपुर संभाग में भारी बारिश और कई जगहों पर बिजली गिरने (आकाशीय बिजली) की चेतावनी भी दी है। ऐसे में प्रशासन की पूरी टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की गई है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी इमरजेंसी में तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाएं।

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